बुधवार, 12 सितंबर 2012

प्यार है तुमसे--------------





दिल की धड़कन संभाले बैठे है
इंतज़ार में उनके
कभी मिलोगे तो बताएंगे
कितनी चाहत है तुमसे

प्यास नज़रों की संभाले बैठे हैं
इन्कार पे उनके
कभी मिलोगे तो बताएंगे
पतझड़ में बहार है तुमसे

ज़िन्दगी उनपर लुटाये बैठे हैं
ऐतबार पे उनके
कभी मिलोगे तो बताएंगे
मेरी हर सांस है तुमसे

अपनी पलकें झुकाए बैठे हैं
इकरार में उनसे
कभी मिलोगे तो बताएंगे
मुझे प्यार ... प्यार है तुमसे .....  

2 टिप्‍पणियां:

  1. बेहतरीन्………
    धड़कता दिल ही लगा दिया कविता में :)

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  2. ज़िन्दगी उनपर लुटाये बैठे हैं
    ऐतबार पे उनके
    कभी मिलोगे तो बताएंगे
    मेरी हर सांस है तुमसे
    बहुत खूबसूरत रचना...शुभकामनायें

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